Category: Life

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इंसान जाने कहां खो गये है….!

_”जाने क्यूं_ _अब शर्म से,_ _चेहरे गुलाब नही होते।_ _जाने क्यूं_ _अब मस्त मौला मिजाज नही होते।_ _पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें।_ _जाने क्यूं_ _अब चेहरे_, _खुली किताब नही होते।_ _सुना...

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क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से ?

कभी हँसते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी कभी रोते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी। न पूर्ण विराम सुख में, न पूर्ण विराम दुःख में, बस जहाँ देखो वहाँ अल्पविराम छोड़ देती है...

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सकारात्मकता माता-पिता की शक्ति है

थॉमस एल्वा एडिसन प्राइमरी स्कूल में पढते थे. एक दिन स्कूल से घर आये और माँ को एक कागज देकर कहा, टीचर ने दिया है. उस कागज को पढ़कर माँ की आँखों में आंसू...