Category: Shayari

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इंसान जाने कहां खो गये है….!

_”जाने क्यूं_ _अब शर्म से,_ _चेहरे गुलाब नही होते।_ _जाने क्यूं_ _अब मस्त मौला मिजाज नही होते।_ _पहले बता दिया करते थे, दिल की बातें।_ _जाने क्यूं_ _अब चेहरे_, _खुली किताब नही होते।_ _सुना...

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औरतें बेहद अजीब होती हैं …

लोग सच कहते हैं – औरतें बेहद अजीब होतीं है रात भर पूरा सोती नहीं थोड़ा थोड़ा जागती रहतीं है नींद की स्याही में उंगलियां डुबो कर दिन की बही लिखतीं टटोलती रहतीं है...

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रंगो से नहीं डरे… रंग बदलने वालो से डरे ।

अच्छा हुआ जो गुजर गया फरवरी..!! ये अंग्रेजी मोहब्बत का महीना था साहब…!! राधा कृष्ण का प्रेम तो अब परवान चढ़ेगा..!! रसिया पर फागुन का रंग जब चढ़ेगा…!!! होली आने वाली है रंगो से...

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छोड़ दूँ बुरे वक़्त में अपनों का साथ, वैसा तो मैं इंसान नहीं।

कमियाँ तो मुझमें भी बहुत है, पर मैं बेईमान नहीं। मैं सबको अपना मानता हूँ, सोचता हूँ फायदा या नुकसान नहीं। एक शौक है शान से जीने का, कोई और मुझमें गुमान नहीं। छोड़...

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औरों को …. उदास क्या रखिये…

टूटे हुए दिल को, संभलने की ….आस क्या रखिये, कितना खोया है ज़िंदगी में …. हिसाब क्या रखिये, चेहरे पे ग़म बिठा कर क्या मिलेगा दोस्तो, अपने अज़ाब अपने हैं, औरों को ….उदास क्या...