Author: Ranu Soni

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औरों को …. उदास क्या रखिये…

टूटे हुए दिल को, संभलने की ….आस क्या रखिये, कितना खोया है ज़िंदगी में …. हिसाब क्या रखिये, चेहरे पे ग़म बिठा कर क्या मिलेगा दोस्तो, अपने अज़ाब अपने हैं, औरों को ….उदास क्या...